सुप्रीम कोर्ट में याचिकारी-एग्जाम कराए, NTA से भरोसा उठा

SHIKSHA NEWS। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने नीट यूजी (NEET UG 2026) परीक्षा रद्द मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट दरवाजा खटखटाया है। फेमा ने याचिका दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा कराने की मांग की की है।
FAIMA ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी नाटा (NTA) की कार्यप्रणाली पर अब आमजन और छात्रों का भरोसा उठ गया है। इसलिए मौजूदा गवर्निंग बॉडी का पुनर्गठन किया जाना चाहिए। वहीं केंद्रीय जांच ब्यूरों ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 1. नासिक (महाराष्ट्र) से शुभम खैरनार,  2. जयपुर (राजस्थान) से मांगीलाल बिवाल,  3. जयपुर (राजस्थान) से विकास बिवाल, 4. जयपुर (राजस्थान) से दिनेश बिवाल और 5. गुरूग्राम (हरियाणा) से यश यादव शामिल है।

CBI ने नासिक से शुभम खैरनार और अहिल्याबाई नगर से धनंजय को हिरासत में लिया। धनंजय पर शुभम को पेपर देने का आरोप है। मुंबई कोर्ट ने CBI को शुभम की 2 दिन की ट्रांजिट रिमांड दी। वहीं, राजस्थान पुलिस ने गुरुग्राम से BAMS फर्स्ट ईयर के छात्र को पकड़ा।
सीबीआई ने इस मामले में अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से तीन जयपुर, एक गुरुग्राम और एक नासिक से है। जांच के लिए CBI अधिकारी आज दिल्ली में NTA के हेडक्वार्टर भी पहुंचे।
दरअसल, NTA ने 12 मई को पेपर लीक के बाद NEET परीक्षा रद्द कर दी थी। NTA ने माना कि गड़बड़ी हुई है। एग्जाम 3 मई को हुआ था, जिसमें 22.79 लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए थे।

राजस्थान में NEET पेपर लीक में पकड़े गए जमवारामगढ़ के दो भाई

नीट-2026 पेपर लीक मामले में जमवारामगढ़ (जयपुर) के दो भाइयों मांगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल को पकड़ा गया है। पुलिस ने उनके घर में रेड भी डाली थी। दोनों भाइयों ने 26-27 अप्रैल को गुरुग्राम (हरियाणा) के एक डॉक्टर से कथित रूप से 30 लाख रुपए में पेपर खरीदा था

गुरुग्राम से BAMS स्टूडेंट पकड़ा

NEET (UG) पेपर लीक मामले में राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की टीम ने गुरुग्राम से एक BAMS स्टूडेंट को हिरासत में लिया है। पकड़ा गया युवक फर्रुखनगर इलाके के खुरमपुर गांव का रहने वाला यश है। पुलिस टीम को शक है कि यश पेपर लीक नेटवर्क का हिस्सा है।

मंत्री बोले-NEET पेपर लीक हुआ, मैं माफी मांगता हूं

नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने NEET- 2026 परीक्षा का पेपर लीक होने और परीक्षा रद्द होने पर माफी मांगी है। उन्होंने कहा- पिछले साल और इस साल भी NEET का पेपर जैसे प्रेस से चोरी हुआ या कहीं और से भी चोरी हुआ। मामले में कई अपराधी पकड़े गए हैं। इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। आने वाले समय में और भी अपराधी पकड़े जाएंगे।
NEET पेपर की राजस्थान में 45-लाख में हुई थी डील
NEET-2026 का पेपर लीक करने के लिए माफिया ने परीक्षा से 8 महीने पहले ही प्लानिंग कर ली थी। राजस्थान में इसके लिए 45 लाख रुपए में डील हुई थी। जयपुर के जमवारामगढ़ के रहने वाले 2 भाइयों ने माफिया को 30 लाख रुपए दे भी दिए थे।
बाकी के रुपए एग्जाम के बाद देना तय हुआ था। गिरोह ने गारंटी दी थी कि गेस पेपर में उनके बताए 143 प्रश्न परीक्षा में आएंगे। हालांकि पेपर में 120 प्रश्न ही गेस पेपर से आए थे। इसके कारण माफिया तक कम रुपए पहुंचे थे।
पेपर लीक मामले में अब तक नासिक से शुभम खैरनार, जयपुर से दो भाई दिनेश बिवाल और मांगीलाल बिवाल, सीकर के राकेश मंडवरिया समेत कई लोगों को पकड़कर पूछताछ की जा रही है।
NTA डीजी अभिषेक सिंह ने गड़बड़ी मानी
NTA डीजी अभिषेक सिंह ने मंगलवार (12 मई) को कहा कि इस गड़बड़ी के लिए हम जिम्मेदार हैं। परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। 6 से 8 दिन में नई तारीख का ऐलान होगा।
केंद्र सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंप दी है। एजेंसी ने मामले में एफआईआर दर्ज की। NTA ने बताया कि भारत सरकार की मंजूरी मिलने के बाद परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया।
वहीं, दिल्ली में मीडिया ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस मामले में सवाल पूछा तो वे बिना कुछ बोले निकल गए थे।
यूथ कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पिछले 10 साल में 89 पेपर लीक हुए हैं और 48 बार दोबारा परीक्षाएं हुईं। इस नाकामी की जिम्मेदार BJP सरकार है।
केरलम से सीकर पहुंचा क्वेश्चन बैंक, टाइमलाइन से समझें
NEET का पेपर ‘क्वेश्चन बैंक’के जरिए लीक किया गया। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। ये सभी हाथ से लिखे गए और इनकी हैंडराइटिंग भी एक ही थी। जांच एजेंसी पता लगा रही हैं कि आखिर यह पेपर लीक कहां से हुआ। हालांकि, इसका खुलासा राजस्थान के सीकर से हुआ।
1 मई: केरलम से राजस्थान भेजा क्वेश्चन बैंक
केरलम के कॉलेज में MBBS कर रहे चूरू के एक लड़के ने ‘क्वेश्चन बैंक’ सीकर में अपने दोस्त को भेजा।
2 मई: राजस्थान में पेपर शेयर हुआ
दोस्त ने ‘क्वेश्चन बैंक’ सीकर के एक पीजी संचालक को दिया। उसने पीजी में रहने वाले स्टूडेंट्स को ‘क्वेश्चन बैंक’ शेयर कर दिया। इसी तरह दूसरे स्टूडेंट्स और करियर काउंसलर्स तक पहुंचा। इसी तरह बंटता चला गया।
3 मई: पीजी संचालक ने पुलिस में शिकायत की
परीक्षा होने के बाद सीकर के एक पीजी संचालक ने उद्योग नगर थाने और एनटीए को यह शिकायत दी थी कि एक कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ बड़ी संख्या में छात्रों को मिला है।
6-7 मई: पेपर से जुड़ी ऑनलाइन चैट वायरल
आंसर-की और परीक्षा से जुड़ी चर्चाएं ऑनलाइन सामने आने के बाद छात्रों और कोचिंग सेंटर्स में एक कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ को लेकर चर्चा शुरू हुई, जो कथित तौर पर असली परीक्षा से काफी मिलता-जुलता था।
7 मई: NTA ने गड़बड़ी की बात कही
NTA ने पुष्टि की कि उसे परीक्षा के 4 दिन बाद यानी 7 मई को कथित गड़बड़ियों से जुड़े इनपुट मिले थे। एजेंसी ने बताया कि यह मामला राजस्थान और उत्तराखंड से सामने आया।
8 मई: NTA ने जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंपी।
12 मई: 13 लोग अरेस्ट
राजस्थान पुलिस स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने कहा कि उसने नीट पेपर लीक मामले की जांच शुरू कर दी है। 12 मई तक सीकर और आसपास के इलाकों से 13 लोगों को अरेस्ट किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *