Sanjay Kumar Sharma-Shiksha News-New Delhi। केंद्रीय मानव संसाधन एवं शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान को बचाने के लिए सरकार ने आज सीबीएसई के अधिकारियों को बली का बकरा बना दिया। सरकार ने आज (सीबीएसई) के अध्यक्ष और सचिव का तबादला कर दिया है तथा ओएसएम सेवाओं की खरीद से संबंधित प्रक्रिया की जांच के लिए एक समिति का गठित की है।
माना रहा है कि केंद्र सरकार ने यह कार्यवाही मंत्री धमेंद्र प्रधान के खिलाफ बढ़ते जनआक्रोश को शांत करने के प्रयास के तहत की है। हालांकि मंत्री को पद से हटाने को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष समेत राहुल गांधी और विपक्ष के कई नेता हमला रहे है। इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट के मुख्य जज सूर्यकांत की िटप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर छाई का कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके 6 जून, 2026 को भारत लौट रहे हैं।
इसके बाद वह दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने की मांग को लेकर एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन की घोषणा कर चुके है। इसके बाद से सरकार लगातार दबाव महसूस कर रही है।
सूत्रों के अनुसार अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को मंगलवार को उनके पदों से हटा दिया। इसके अतिरिक्त सरकार ने सीबीएसई की ओएसएम प्रणाली के लिए सेवाओं की खरीद से जुड़े मामलों की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन किया है।
कैबिनेट सचिवालय की ओर से मंगलवार को जारी आदेश के अनुसार समिति की अध्यक्षता क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस. राधा चौहान करेंगी।
समिति को आवश्यकता पड़ने पर अन्य कार्यालयों के अधिकारियों की सहायता लेने का अधिकार भी दिया गया है। समिति को सचिवालय सहायता क्षमता निर्माण आयोग द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। यह ओएसएम प्रणाली के लिए सेवाओं की खरीद प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी। समिति अपनी रिपोर्ट एक माह के भीतर कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को सौंपेगी।
गौरतलब है कि सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा के परिणाम आने के बाद यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है। छात्रों ने पहले कम अंक आने की शिकायत की थी, जिसके बाद उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपियां उपलब्ध करायी गयी।
उत्तर पुस्तिकाओं के मिलने के बाद छात्रों की शिकायतें आने लगीं कि दी गयी कॉपियां उनकी नहीं है, उत्तर पुस्तिका के पन्ने गायब हैं और धुंधले हैं।