Shiksha News-New Delhi। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी और राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में यहां उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से शिष्टाचार भेंट की। उपराष्ट्रपति का पदभार ग्रहण करने के बाद अभाविप प्रतिनिधिमंडल की यह पहली औपचारिक मुलाकात थी।
बैठक के दौरान राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका, उच्च शिक्षा से जुड़े समसामयिक मुद्दों, विद्यार्थी हितों तथा अभाविप द्वारा देशभर में संचालित विभिन्न अभियानों और कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने संगठन के विस्तार, छात्र हितों के लिए चलाए जा रहे आंदोलनों और राष्ट्रीय जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में विद्यार्थियों की रचनात्मक भागीदारी की जानकारी दी।
अभाविप ने उपराष्ट्रपति को बताया कि संगठन का ‘स्टूडेंट्स एक्सपीरियंस इन इंटरस्टेट लिविंग’ (एसईआईएल) कार्यक्रम 60 वर्ष पूरे कर रहा है। यह अभियान पूर्वोत्तर और देश के अन्य हिस्सों के विद्यार्थियों के बीच सांस्कृतिक संवाद और राष्ट्रीय एकात्मता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके अलावा युवाओं में बढ़ती डिजिटल निर्भरता को देखते हुए चलाए जा रहे ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियान की भी जानकारी साझा की गई, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को खेल, सामाजिक गतिविधियों और रचनात्मक कार्यों से जोड़ना है।
प्रतिनिधिमंडल ने महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए संचालित ‘मिशन साहसी’ अभियान का भी उल्लेख किया तथा बताया कि इसके तहत अब तक 10 लाख से अधिक छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आगामी चरण में इस अभियान को फिर से देशव्यापी स्तर पर संचालित करने की योजना है।
बैठक में पंजाब विश्वविद्यालय से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे भी उठाए गए। अभाविप ने विश्वविद्यालय की सीनेट में विद्यार्थी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने, बढ़ती छात्र संख्या के अनुरूप छात्रावास सुविधाओं के विस्तार, शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियमित और समयबद्ध नियुक्तियां करने तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए अत्याधुनिक केंद्र स्थापित करने की मांग रखी। साथ ही विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और समग्र विकास के लिए योग एवं माइंडफुलनेस सेंटर तथा स्थाई परामर्शदाताओं से युक्त छात्र कल्याण केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. सोलंकी ने कहा कि उपराष्ट्रपति के साथ हुई यह भेंट अत्यंत सार्थक और प्रेरणादाई रही। संगठन का मानना है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण, पर्याप्त छात्र सुविधाएं तथा सहभागी और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री एस. बालकृष्ण, राष्ट्रीय मंत्री क्षमा शर्मा, पायल किनाके, आदित्य तकियार, दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ की पूर्व सचिव मित्रवृंदा कर्णवाल तथा पंजाब विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष गौरववीर सोहल सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।

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