शिक्षा न्यूज. नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026-27 में शिक्षा क्षेत्र को लेकर अहम घोषणाएं की गई है। बजट में किए गए ऐलान के मुताबिक देश के अलग-अलग हिस्सों में पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाई जाएंगी। खास बात यह है कि ये सभी यूनिवर्सिटी टाउनशिप प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के आसपास विकसित की जाएंगी। ऐसे में इसका सीधा लाभ यहां पढ़ने वाले छात्रों को मिलेगा। यह पहल इसलिए की जा रही है ताकि इंडस्ट्री और रोजगार सीधे उच्च शिक्षा के साथ जुड़ सकें।
देशभर के 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स तैयार की जाएंगी
इसके साथ ही सेवा क्षेत्र के विकास पर ध्यान केंद्रित करने वाले उपायों की सिफारिश करने के लिए एक उच्च-स्तरीय ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम’ स्थायी समिति गठित करने की घोषणा से शिक्षा को कौशल से जोड़ने और उद्योगों की जरूरतों के मुताबिक शैक्षिक ढांचे पर फोकस बढ़ेगा। हर जिले में गर्ल्स हास्टल बनाने का ऐलान लड़िकयों की इनरोलमेंट दर बढ़ाने के मकसद से किया गया है। बजट में हुए ऐलान के मुताबिक देशभर के 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स तैयार की जाएंगी। इसके साथ ही सरकार कंटेंट क्रिएटर्स के लिए नए सेटअप भी लगाएगी। बजट में अनुमान लगाया गया है कि 2030 तक देश में एवीजीसी सेक्टर के लिए 20 लाख से अधिक प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी। सरकार मुंबई में इडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज की स्थापना भी करेगी। कंटेंट के उभरते बाजार को देखते हुए सरकार का यह घोषणा काफी महत्वपूर्ण है। शिक्षा बजट में इस बार 8.27 प्रतिशत वृद्धि शिक्षा के कुल बजट में इस बार 8.27 फीसदी बढ़ोतरी की गई है। वर्ष 2026 -27 में 139289 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। पिछले वर्ष यह आवंटन 128650 करोड़ रुपये का था। अटल टिंकरिंग लैब के लिए आवंटन बढ़ाकर 3200 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा आईआईटी, आईआईएम जैसे संस्थानों को दी जाने वाली मदद में भी बढ़ोतरी की गई है। राज्य सरकारों के साथ मिलकर बनेंगी टाउनशिप केंद्र सरकार ने साफ किया है कि ‘यूनिवर्सिटी टाउनशिप’ बनाने में केंद्र सरकार विभिन्न राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करेगी। यानी यूनिवर्सिटी बनाने, ढांचा खड़ा करने और सुविधाएं विकसित करने में राज्यों को केंद्र की मदद मिलेगी।
यूनिवर्सिटी में हाईटेक लेबोरेटरी, आधुनिक कॉलेज, रिसर्च सेंटर और इनोवेशन हब भी होंगे -छात्रों और शोधार्थियों को अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाएं मिलेंगी
इस पूरी योजना का मकसद यह है कि हर क्षेत्र की जरूरत के हिसाब से आधुनिक और मजबूत शिक्षा संस्थान तैयार किए जाएं। इन यूनिवर्सिटी टाउनशिप में छात्रों के लिए हर तरह की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यहां रहने के लिए बड़े आवासीय कॉम्प्लेक्स होंगे, ताकि बाहर से आने वाले छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो। सरकार का मानना है कि ये पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप न सिर्फ शिक्षा की गुणवत्ता सुधारेंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए मौके भी पैदा करेंगी। आसपास के इलाकों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। यूनिवर्सिटी टाउनशिप में यह होगा खास -इन विश्वविद्यालयों में स्किल सेंटर बनाए जाएंगे, जहां पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा -यूनिवर्सिटी में हाईटेक लेबोरेटरी, आधुनिक कॉलेज, रिसर्च सेंटर और इनोवेशन हब भी होंगे -छात्रों और शोधार्थियों को अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाएं मिलेंगी, जिससे रिसर्च, स्टार्ट-अप और नए आइडियाज को बढ़ावा मिलेगा -केंद्र सरकार का फोकस सिर्फ डिग्री देने पर नहीं होगा, बल्कि छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी बनाने पर ध्यान केंद्रित करना है पूर्वी भारत में एनआईडी खोला जाएगा केंद्र सरकार ने बजट में पूर्वी भारत में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (एनआईडी) खोलने का भी एलान किया गया है। इसका सीधा मकसद है कि इस क्षेत्र में डिजाइन की पढ़ाई, क्रिएटिव सोच और इनोवेशन को मजबूती मिले।
बजट में इन प्रमुख पहलों का जिक्र आईआईटी मुंबई देगा नवाचार को बढ़ावा आईआईटी मुंबई व्यावहारिक नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए क्रिएटर लैब्स की स्थापना करेगा, जिससे छात्रों को उन्नत उपकरणों, मार्गदर्शन और उद्योग से जुड़े परियोजना स्थलों तक पहुंच प्राप्त होगी। प्रत्येक जिले में बालिका छात्रावास बेटियों की शिक्षा तक पहुंच को बेहतर बनाने और छात्राओं, विशेष रूप से वंचित क्षेत्रों की छात्राओं के बीच नामांकन बढ़ाने के लिए प्रत्येक जिले में एक बालिका छात्रावास स्थापित किया जाएगा। सेवा क्षेत्र पर स्थायी समिति की घोषणा की गई एक उच्च-स्तरीय स्थायी समिति सेवा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करेगी, रोजगार सृजन, प्रौद्योगिकी निर्यात और एआई एकीकरण को बढ़ावा देगी ताकि कौशल को भविष्य की कार्यबल आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जा सके।