शिक्षा न्यूज. नई दिल्ली। (Shiksha News) केंद्रीय बजट 2026 में सरकार द्वारा विदेश में पढ़ाई के लिए भेजी जाने वाली राशि पर टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (टीसीएस) को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने के फैसले से दिल्ली के छात्रों और अभिभावकों ने इसे राहत वाली बात कही है। डीयू में प्रोफेसर जीएस टुटेजा का कहना है कि इससे शिक्षा का अंतराष्ट्रीयकरण होगा। एक तरफ जहां कुछ देश भारत पर टैरिफ लगा रहे हैं वहीं दूसरी तरह भारत छात्रों को प्रोत्साहित कर रहा है।

दिल्ली देश के प्रमुख शिक्षा केंद्रों में शामिल है, जहां से हर साल बड़ी संख्या में छात्र उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों का रुख करते हैं। अब तक विदेश में पढ़ाई के लिए फीस और अन्य शैक्षणिक खर्चों के लिए राशि भेजने पर 5 प्रतिशत टीसीएस देना पड़ता था, जिससे परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था। नई व्यवस्था के तहत यह दर घटाकर 2 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे दिल्ली के मध्यमवर्गीय परिवारों को सीधा फायदा होगा। अपने बच्चे को विदेश में पढ़ाने का सपना रखने वाले पंकज शर्मा का कहना है कि मैंने भी बाहर रहकर शोध किया है। मैं चाहता हूं कि मेरा बेटा भी 12वीं के बाद विदेश जाए वर्तमान में फीस, रहने और अन्य शैक्षणिक खर्च पहले ही काफी बढ़ चुके हैं। ऐसे में टीसीएस में कटौती राहत भरा कदम है।

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