Shiksha News-New Delhi। शिक्षा संबंधी संसदीय स्थाई समिति की गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह बैठक कई अन्य विषयों समेत नीट-यूजी 2026 पेपर लीक व संबंधित विषय की विस्तृत जानकारी लेने के लिए बुलाई गई थी। बैठक के दौरान विपक्षी सांसदों ने तीखे सवाल किए व पेपर लीक होने पर भारी नाराजगी व्यक्त की।
वहीं, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक अभिषेक सिंह और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी गुरुवार को संसदीय स्थाई समिति के समक्ष उपस्थित हुए।
गौरतलब है कि एनटीए ही वह संस्था है जो यह प्रतियोगि परीक्षा आयोजित करती है। इसी को ध्यान में रखते हुए नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले की विस्तृत जानकारी लेने के लिए एनटीए के महानिदेशक को समिति द्वारा बुलाया गया था। नीट यूजी की परीक्षा इसी महीने तीन मई को आयोजित की गई थी लेकिन पेपर लीक होने के बाद 11 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। फिलहाल सीबीआई इस पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रही है। नीट यूजी की पुनर्परीक्षा अब 21 जून को होनी है।
कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली इस समिति की बैठक नीट यूजी परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, गोपनीयता, सुरक्षा व्यवस्था और चल रही जांच की स्थिति की समीक्षा के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में के. राधाकृष्णन समिति की रिपोर्ट पर भी विस्तार से चर्चा हुई। राधाकृष्णन रिपोर्ट में नीट यूजी परीक्षा सुरक्षित, पारदर्शी बनाने के सुझाव दिए गए हैं। रिपोर्ट में प्रश्नपत्र की गोपनीयता, डिजिटल निगरानी और परीक्षा केंद्रों की जांच व पारदर्शिता के उपाय शामिल हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि उन्होंने राधाकृष्णन समिति की रिपोर्ट को पूरी तरह से लागू किया है। गुरुवार को हुई इस बैठक के दौरान एनटीए के डीजी ने समिति के समक्ष अब तक की जांच, सुरक्षा उपायों और परीक्षा संचालन में किए जा रहे सुधारों की जानकारी रखी।
जानकारी के अनुसार, समिति को बताया गया कि पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच में सहयोग किया जा रहा है। संदिग्ध नेटवर्क, तकनीकी माध्यमों तथा परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र तक पहुंच बनाने के तरीकों की सीबीआई पड़ताल कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, कई विपक्षी सांसदों ने नीट परीक्षा प्रक्रिया, सुरक्षा प्रणाली व प्रश्न पत्रों की गोपनीयता भंग होने पर नाराजगी जताई है। समिति के सदस्यों ने परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कठोर एवं तकनीक आधारित उपाय अपनाने पर जोर दिया।
वहीं एनटीए द्वारा समिति को बताया गया कि एजेंसी ने परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई स्तरों पर सुधार लागू किया है। इनमें प्रश्नपत्र सुरक्षा प्रोटोकॉल को मजबूत करना, निगरानी तंत्र का विस्तार, परीक्षा केंद्रों पर डिजिटल सत्यापन प्रणाली को उन्नत करना तथा संवेदनशील सूचनाओं की पहुंच को सीमित करना शामिल है।
बैठक में विपक्षी सांसदों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली पर जनता के विश्वास को प्रभावित करती हैं।
समिति के सदस्यों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने और जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की आवश्यकता बताई। साथ ही यह भी अपेक्षा जताई गई कि भविष्य की परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा वातावरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और छात्रों का भरोसा बना रहे।
इस बीच, नीट यूजी 2026 रिफंड सुविधा के लिए गुरुवार को एनटीए ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर नीट यूजी रिफंड सुविधा 2026 को सक्रिय किया है।

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