Shiksha News-New Delhi। नीट यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को होनी है। इससे पहले बुधवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पूर्व इसरो अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन के साथ मिलकर इस पुनर्परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की।
बता दें कि डॉ. के. राधाकृष्णन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से संबंधित सिफारिशों के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त संचालन समिति के अध्यक्ष भी हैं। बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में उच्च शिक्षा सचिव, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के महानिदेशक, एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी तथा शिक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। यहां नीट-यूजी पुनर्परीक्षा को निष्पक्ष, सुरक्षित और सुचारु तरीके से आयोजित करने के लिए किए जा रहे इंतजामों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के महानिदेशक ने परीक्षा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाए गए अतिरिक्त कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए मौजूदा सर्विलांस सिस्टम का व्यापक मूल्यांकन किया गया है तथा उसमें आवश्यक तकनीकी व प्रशासनिक सुधार भी किए जा रहे हैं। समीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, डिजिटल निगरानी, अभ्यर्थियों की पहचान सत्यापन प्रक्रिया और परीक्षा संचालन की पारदर्शिता को लेकर भी विमर्श किया गया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी की संभावना को रोका जा सके।
वहीं, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि परीक्षा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि देशभर के परीक्षा केंद्रों पर छात्रों को बेहतर सुविधाएं और छात्र-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित एवं पारदर्शी रहे। नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा देशभर के 550 शहरों में स्थापित 5400 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर संपन्न होगी।
अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा के सफल आयोजन के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया जा रहा है। इससे पहले सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों को पत्र लिखा था।
शिक्षा मंत्री ने परीक्षा के सुरक्षित, पारदर्शी और सुचारु आयोजन के लिए सहयोग मांगा है। केंद्र सरकार ने साफ संकेत दिया है कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की सुविधा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
गौरतलब है कि नीट यूजी की परीक्षा तीन मई को हुई थी, लेकिन पेपर लीक की शिकायत मिलने पर 11 मई को यह परीक्षा रद्द कर दी गई। अब सीबीआई इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

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