Shiksha News-New Delhi। केन्द्र सरकार की उच्च स्तरीय शिक्षा योजना के तहत पेशेवर, शोधकर्ता और उद्यमी देश के विकास कार्यों को गति दे रहे हैं। यह योजना अनुसूचित जाति (एससी) के लिए है। अब तक 4,742 वंचित छात्र इस योजना का लाभ पा चुके हैं।
केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अनुसार सरकार का लक्ष्य यह है कि एससी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और सशक्त बनें। उन छात्रों के भी योगदान से राष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल और आत्मनिर्भर बनेगा। इसमें नवप्रवर्तक और नेता भी शामिल हैं। इस योजना का लाभ उन्हीं छात्रों को मिल सकता है जिनके परिवार की वार्षिक आय आठ लाख रुपये है। इन समुदाय के मेधावी छात्रों को उच्च संस्थानों में निशुल्क प्रवेश दिया जाता है। इन संस्थानों में छात्रों को अनुसंधान और नवाचार करने का अवसर प्राप्त होता है। इनके योगदान, लगन और मेहनत से राष्ट्र वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनता है।
फिलहाल, इस योजना के तहत छात्र भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (एनआईटी), भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी), राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों (एनएलयू), राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी), भारतीय प्रबंधन संस्थानों (आईआईएम) जैसे प्रमुख प्रबंधन संस्थानों और राष्ट्रीय महत्व के अन्य संस्थानों सहित प्रमुख संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
मंत्रालय के मुताबिक, यह योजना केन्द्र सरकार की शैक्षिक सशक्तिकरण, समावेशन और समान अवसर के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उल्लेखनीय है कि इस योजना को 2007-08 में शुरू किया गया था। अब तक 4,742 छात्र इस योजना का लाभ पा चुके हैं। छात्रों पर खर्च होने वाला वार्षिक व्यय 2.17 करोड़ रुपये से बढ़कर 117.19 करोड़ हो गया है।

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